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Sunday, 11 January 2026

Class 12 Geography Chapter 2 Notes in Hindi | मानव बस्तियाँ (Notes + Important Questions) 2026

 

अध्याय 2: मानव बस्तियाँ




1. परिचय: मानव बस्ती क्या है?

 * परिभाषा: मानव बस्ती का अर्थ किसी भी प्रकार और आकार के घरों का संकुल है जिनमें मनुष्य रहते हैं.

 * उद्देश्य: लोग मकानों और इमारतों का निर्माण रहने के लिए और अपने आर्थिक पोषण-आधार (संसाधनों) का उपयोग करने के लिए करते हैं.

 * आकार और विस्तार: बस्तियाँ एक छोटी 'पल्ली' (hamlet) से लेकर विशाल 'महानगर' तक हो सकती हैं.

 * संबंध: बस्तियों के आकार के साथ-साथ उनके आर्थिक अभिलक्षण, सामाजिक संरचना, पारिस्थितिकी और प्रौद्योगिकी भी बदल जाती है.


2. ग्रामीण बनाम नगरीय बस्तियाँ (अंतर)

| विशेषता | ग्रामीण बस्तियाँ (Rural Settlements) | नगरीय बस्तियाँ (Urban Settlements) |

|---|---|---|

| आर्थिक क्रियाएँ | जीवन का पोषण और आधारभूत आवश्यकताएँ 'भूमि आधारित प्राथमिक आर्थिक क्रियाओं' (जैसे कृषि) से पूरी होती हैं. | कच्चे माल के प्रक्रमण, विनिर्माण (द्वितीयक) और विभिन्न सेवाओं (तृतीयक) पर निर्भर करती हैं. |

| सामाजिक संबंध | लोग कम गतिशील होते हैं, इसलिए सामाजिक संबंध घनिष्ठ होते हैं. | जीवन जटिल और तीव्र होता है, और सामाजिक संबंध औपचारिक होते हैं. |

| कार्य | खाद्य और कच्चे माल का उत्पादन करते हैं. | आर्थिक वृद्धि के 'नोड' (Node) के रूप में कार्य करते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों को वस्तुएँ व सेवाएँ देते हैं. |

| संपर्क | नगरीय और ग्रामीण बस्तियाँ परिवहन और संचार के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं. | |


3. ग्रामीण बस्तियों के प्रकार

भारत में ग्रामीण बस्तियों के प्रकार निर्मित क्षेत्र के विस्तार और घरों के बीच की दूरी द्वारा निर्धारित होते हैं.

ग्रामीण बस्तियों को प्रभावित करने वाले कारक:

 * भौतिक लक्षण: भू-भाग की प्रकृति, ऊँचाई, जलवायु, जल की उपलब्धता.

 * सांस्कृतिक और मानवजातीय कारक: सामाजिक संरचना, जाति और धर्म.

 * सुरक्षा संबंधी कारक: चोरी और डकैतियों से सुरक्षा.

बस्तियों के चार मुख्य प्रकार:

(i) गुच्छित, संकुलित अथवा आकेंद्रित (Clustered Settlements):

 * विवरण: यह घरों का एक संहत (compact) या संकुलित रूप से निर्मित क्षेत्र होता है. इसमें रहन-सहन का क्षेत्र खेतों और चरागाहों से स्पष्ट रूप से अलग होता है.

 * आकृति: गलियाँ और घर ज्यामितीय आकृतियाँ बनाते हैं जैसे आयताकार, अरीय, रैखिक आदि.

 * क्षेत्र (Location): उपजाऊ जलोढ़ मैदानों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में पाई जाती हैं.

 * कारण:

   * सुरक्षा: मध्य भारत (बुंदेलखंड) और नागालैंड में लोग सुरक्षा कारणों से समूहों में रहते हैं.

   * जल अभाव: राजस्थान में जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए संहत बस्तियाँ अनिवार्य हैं.

(ii) अर्ध-गुच्छित बस्तियाँ (Semi-clustered Settlements):

 * विवरण: यह किसी बड़े गाँव के विखंडन (fragmentation) या गुच्छित होने की प्रवृत्ति का परिणाम है.

 * सामाजिक अलगाव: अक्सर ज़मींदार या उच्च समुदाय गाँव के केंद्रीय भाग में रहते हैं, जबकि समाज के निचले तबके के लोग गाँव के बाहरी हिस्सों में बसते हैं.

 * क्षेत्र: गुजरात के मैदान और राजस्थान के कुछ भाग.

(iii) पल्ली बस्तियाँ (Hamleted Settlements):

 * विवरण: बस्ती भौतिक रूप से एक-दूसरे से अलग कई इकाइयों में बँटी होती है, लेकिन उन सबका नाम एक ही रहता है.

 * स्थानीय नाम: इसे पान्ना, पाड़ा, पाली, नगला, ढाँणी आदि कहा जाता है.

 * कारण: यह प्रायः सामाजिक एवं मानवजातीय कारकों द्वारा अभिप्रेरित होता है.

 * क्षेत्र: मध्य और निम्न गंगा के मैदान, छत्तीसगढ़, और हिमालय की निचली घाटियाँ.

(iv) परिक्षिप्त अथवा एकाकी बस्तियाँ (Dispersed Settlements):

 * विवरण: सुदूर जंगलों में एकाकी झोपड़ियाँ या पहाड़ियों की ढालों पर खेतों के साथ बने घर.

 * कारण: भू-भाग और निवास योग्य भूमि का अत्यधिक विखंडित होना.

 * क्षेत्र: मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केरल के अनेक भाग.


4. नगरीय बस्तियाँ (Urban Settlements)

नगरीय बस्तियाँ संहत और विशाल होती हैं और अकृषि, आर्थिक व प्रशासनिक कार्यों में संलग्न होती हैं.

1991 की जनगणना के अनुसार 'नगरीय बस्ती' की परिभाषा:

 * जहाँ नगरपालिका, निगम, छावनी बोर्ड या अधिसूचित नगरीय क्षेत्र समिति हो.

 * अथवा जो निम्नलिखित मापदंड पूरे करे:

   * कम से कम 5,000 व्यक्ति निवास करते हों.

   * 75% पुरुष श्रमिक गैर-कृषि कार्यों में संलग्न हों.

   * जनसंख्या घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर हो.


5. भारत में नगरों का विकास (Evolution of Towns)

भारतीय नगरों को उनके विकास के युग के आधार पर वर्गीकृत किया गया है:

(i) प्राचीन नगर (Ancient Towns):

 * इतिहास: 2000 से अधिक वर्षों की पृष्ठभूमि.

 * प्रकृति: धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र.

 * उदाहरण: वाराणसी, प्रयाग (इलाहाबाद), पाटलिपुत्र (पटना), मदुरई.

(ii) मध्यकालीन नगर (Medieval Towns):

 * इतिहास: लगभग 100 नगर, जिनका विकास रजवाड़ों और राज्यों के मुख्यालयों के रूप में हुआ.

 * प्रकृति: यह अक्सर किला नगर (Fort towns) होते थे.

 * उदाहरण: दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, आगरा, नागपुर.

(iii) आधुनिक नगर (Modern Towns):

 * अंग्रेजों/यूरोपियों द्वारा विकसित:

   * तटीय व्यापारिक पत्तन: सूरत, दमन, गोआ, पांडिचेरी.

   * प्रमुख नोड: मुंबई, चेन्नई, कोलकाता (अंग्रेजी शैली में निर्मित).

   * अन्य: पर्वतीय नगर (Hill stations), प्रशासनिक और सैन्य क्षेत्र.

 * औद्योगिक नगर (1850 के बाद): जमशेदपुर.

 * स्वतंत्रता के बाद:

   * प्रशासनिक केंद्र: चंडीगढ़, भुवनेश्वर, गांधीनगर, दिसपुर.

   * औद्योगिक केंद्र: दुर्गापुर, भिलाई, सिंदरी, बरौनी.

   * अनुषंगी नगर (Satellite towns): दिल्ली के पास गाज़ियाबाद, रोहतक, गुरुग्राम.


6. भारत में नगरीकरण (Urbanization)

 * माप: कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत.

 * स्तर (2011): भारत में नगरीकरण 31.16% है, जो विकसित देशों से काफी कम है.

 * वृद्धि: 20वीं शताब्दी में नगरीय जनसंख्या 11 गुना बढ़ी है, लेकिन पिछले दो दशकों में वृद्धि दर धीमी हुई है.


7. नगरों का प्रकार्यात्मक वर्गीकरण (Functional Classification)

यद्यपि नगर बहु-प्रकार्यात्मक (Multi-functional) होते हैं, लेकिन किसी विशिष्ट कार्य की प्रधानता के आधार पर उन्हें वर्गीकृत किया जाता है:

 * प्रशासन नगर: उच्चतर क्रम के प्रशासनिक मुख्यालय. (उदाहरण: चंडीगढ़, नई दिल्ली, भोपाल, शिलांग, गुवाहाटी, इंफाल, श्रीनगर, गांधीनगर, जयपुर, चेन्नई) .

 * औद्योगिक नगर: उद्योगों के लिए प्रसिद्ध. (उदाहरण: मुंबई, सेलम, कोयंबटूर, मोदीनगर, जमशेदपुर, हुगली, भिलाई) .

 * खनन नगर: खनिज समृद्ध क्षेत्रों में विकसित. (उदाहरण: रानीगंज, झरिया, डिगबोई, अंकलेश्वर, सिंगरौली) .

 * गैरिसन (छावनी) नगर: सैन्य कार्यों के लिए. (उदाहरण: अंबाला, जालंधर, महू, बबीना, उधमपुर) .

 * धार्मिक और सांस्कृतिक नगर: (उदाहरण: वाराणसी, मथुरा, अमृतसर, मदुरै, पुरी, अजमेर, पुष्कर, तिरुपति, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, उज्जैन).

 * शैक्षिक नगर: शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित. (उदाहरण: रुड़की, वाराणसी, अलीगढ़, पिलानी, इलाहाबाद) .

 * परिवहन नगर: पत्तन नगर या आंतरिक परिवहन धुरियाँ. (उदाहरण: कांडला, कोच्चि, विशाखापट्नम, मुगलसराय, इटारसी, कटनी) .

 * वाणिज्यिक नगर: व्यापार और वाणिज्य में विशिष्ट. (उदाहरण: कोलकाता, सहारनपुर, सतना) .

 * पर्यटन नगर: पर्यटन गंतव्य. (उदाहरण: नैनीताल, मसूरी, शिमला, पचमढ़ी, जोधपुर, जैसलमेर, उडगमंडलम/ऊटी, माउंट आबू) .

नोट: नगर अपने प्रकार्यों में स्थिर नहीं होते. महानगर बनने पर वे बहुप्रकार्यात्मक (उद्योग, प्रशासन, परिवहन सब एक साथ) बन जाते हैं.


8. स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission)

 * उद्देश्य: ऐसे शहरों को बढ़ावा देना जो आधारभूत सुविधा, साफ और सतत पर्यावरण और नागरिकों को बेहतर जीवन दें.

 * विशेषता: स्मार्ट समाधानों (Smart Solutions) को लागू करना.

 * फोकस:

   * प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को कम करना.

   * कम संसाधनों का उपयोग और सस्ती सुविधाएँ.

   * सतत तथा समग्र विकास.

   * ये शहर अन्य बढ़ते शहरों के लिए 'लाइट हाउस' (Light House) का काम करेंगे.



 महत्वपूर्ण प्रश्न


1. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

(सही उत्तर पर निशान लगाएँ)

प्रश्न 1: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में नगरीकरण का स्तर (प्रतिशत में) कितना था?

(क) 27.78%

(ख) 31.16%

(ग) 25.71%

(घ) 35.50%

उत्तर: (ख) 31.16%

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन सा एक 'मध्यकालीन नगर' (Medieval Town) का उदाहरण है?

(क) वाराणसी

(ख) चंडीगढ़

(ग) जयपुर

(घ) जमशेदपुर

उत्तर: (ग) जयपुर

प्रश्न 3: भारत की जनगणना (1991) के अनुसार, नगरीय बस्ती के लिए कम से कम कितने प्रतिशत पुरुष श्रमिकों का गैर-कृषि कार्यों में संलग्न होना आवश्यक है?

(क) 50%

(ख) 60%

(ग) 75%

(घ) 90%

उत्तर: (ग) 75%

प्रश्न 4: 'मेघालय, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश' में किस प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं?

(क) गुच्छित (Clustered)

(ख) परिक्षिप्त (Dispersed)

(ग) पल्ली (Hamleted)

(घ) अर्ध-गुच्छित (Semi-clustered)

उत्तर: (ख) परिक्षिप्त (Dispersed)

प्रश्न 5: अंबाला, जालंधर और महू किस प्रकार के नगर हैं?

(क) शैक्षिक नगर

(ख) पर्यटन नगर

(ग) गैरिसन (छावनी) नगर

(घ) औद्योगिक नगर

उत्तर: (ग) गैरिसन (छावनी) नगर


2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें (Fill in the blanks)

 * वाराणसी, प्रयाग (इलाहाबाद) और मदुरई ________ नगरों के उदाहरण हैं।

   उत्तर: प्राचीन (Ancient)

 * ग्रामीण बस्तियाँ अपनी आधारभूत आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति ________ आधारित प्राथमिक क्रियाओं से करती हैं।

   उत्तर: भूमि

 * 'पान्ना, पाड़ा, पाली, नगला' आदि नाम ________ बस्तियों के स्थानीय नाम हैं।

   उत्तर: पल्ली (Hamleted)

 * स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य शहरों को बढ़ावा देना है जो ________ सुविधा और साफ पर्यावरण प्रदान करते हैं।

   उत्तर: आधारभूत


3. अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answer Questions)


प्रश्न 1: मानव बस्ती को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: मानव बस्ती का अर्थ किसी भी प्रकार और आकार के घरों का संकुल है जिनमें मनुष्य रहते हैं।


प्रश्न 2: भारत में गुच्छित (Clustered) बस्तियाँ मुख्य रूप से कहाँ पाई जाती हैं?

उत्तर: गुच्छित बस्तियाँ प्रायः उपजाऊ जलोढ़ मैदानों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में पाई जाती हैं।


प्रश्न 3: 1991 की जनगणना के अनुसार नगरीय बस्ती के लिए जनसंख्या घनत्व का मापदंड क्या है?

उत्तर: जनसंख्या का घनत्व कम से कम 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर होना चाहिए।


प्रश्न 4: दो 'खनन नगरों' (Mining Towns) के नाम लिखिए।

उत्तर: रानीगंज और डिगबोई (या झरिया/अंकलेश्वर)।


प्रश्न 5: नगर आर्थिक वृद्धि के 'नोड' (Node) के रूप में कैसे कार्य करते हैं?

उत्तर: नगर न केवल अपने निवासियों को, बल्कि अपने पीछे के ग्रामीण क्षेत्रों (पश्च भूमि) को भी भोजन और कच्चे माल के बदले वस्तुएँ और सेवाएँ उपलब्ध कराकर नोड के रूप में कार्य करते हैं।

4. विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)


प्रश्न 1: भारत में ग्रामीण बस्तियों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।

उत्तर:

भारत में ग्रामीण बस्तियों को चार मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

 * गुच्छित, संकुलित अथवा आकेंद्रित (Clustered): ये बस्तियाँ घरों का एक संहत (compact) रूप होती हैं। इनमें रहन-सहन का क्षेत्र खेतों और चरागाहों से अलग होता है। गलियाँ ज्यामितीय (जैसे आयताकार) हो सकती हैं। ये उपजाऊ जलोढ़ मैदानों और सुरक्षा कारणों से बुंदेलखंड व नागालैंड में पाई जाती हैं ।

 * अर्ध-गुच्छित (Semi-clustered): यह किसी बड़े गाँव के विखंडन का परिणाम है। इसमें ज़मींदार या उच्च वर्ग गाँव के केंद्र में और निम्न वर्ग बाहरी हिस्से में बसते हैं। ये गुजरात और राजस्थान के कुछ भागों में मिलती हैं ।

 * पल्ली बस्तियाँ (Hamleted): जब बस्ती भौतिक रूप से कई इकाइयों (पान्ना, पाड़ा, पाली) में बँट जाती है लेकिन सबका नाम एक ही रहता है। [cite_start]यह गंगा के मैदान और हिमालय की निचली घाटियों में पाई जाती हैं ।

 * परिक्षिप्त (Dispersed): सुदूर जंगलों या पहाड़ियों पर एकाकी झोपड़ियाँ। [cite_start]ये मेघालय, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पाई जाती हैं ।


प्रश्न 2: भारत में नगरों का प्रकार्यात्मक (Functional) वर्गीकरण उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

भारतीय नगरों को उनके प्रमुख कार्यों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है (यद्यपि वे बहु-प्रकार्यात्मक होते हैं):

 * प्रशासन नगर: प्रशासनिक मुख्यालय जैसे नई दिल्ली, चंडीगढ़, भोपाल।

 * औद्योगिक नगर: उद्योगों के लिए प्रसिद्ध, जैसे जमशेदपुर, भिलाई, मुंबई।

 * खनन नगर: खनिज क्षेत्रों में विकसित, जैसे रानीगंज, डिगबोई।

 * गैरिसन (छावनी) नगर: सैन्य कार्यों के लिए, जैसे अंबाला, महू।

 * धार्मिक और सांस्कृतिक नगर: जैसे वाराणसी, मथुरा, अजमेर।

 * शैक्षिक नगर: शिक्षा केंद्र, जैसे रुड़की, वाराणसी, कोटा।

 * परिवहन नगर: पत्तन या जंक्शन, जैसे कांडला, मुगलसराय।

 * वाणिज्यिक नगर: व्यापार केंद्र, जैसे कोलकाता, सहारनपुर।


प्रश्न 3: ग्रामीण और नगरीय बस्तियों में आधारभूत अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

ग्रामीण और नगरीय बस्तियों में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

 * आर्थिक क्रियाएँ: ग्रामीण बस्तियाँ जीवन का पोषण 'भूमि आधारित प्राथमिक क्रियाओं' (कृषि, पशुपालन) से करती हैं। जबकि नगरीय बस्तियाँ उद्योगों (द्वितीयक) और सेवाओं (तृतीयक) पर निर्भर करती हैं।

 * सामाजिक संबंध: ग्रामीण लोग कम गतिशील होते हैं और सामाजिक संबंध घनिष्ठ होते हैं। इसके विपरीत, नगरों में जीवन जटिल और तीव्र होता है तथा संबंध औपचारिक होते हैं ।

 * प्रकार्य: नगर आर्थिक वृद्धि के नोड होते हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों को सेवाएँ देते हैं, जबकि गाँव खाद्य और कच्चे माल का उत्पादन करते हैं।

 * कच्चा माल: नगर कच्चे माल के प्रक्रमण और विनिर्माण का कार्य करते हैं, जो अक्सर गाँवों से आता है।



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