​Class 12 Geography Chapter 7 Notes in Hindi | परिवहन तथा संचार | RBSE 2026


अध्याय 7: परिवहन तथा संचार - विस्तृत नोट्स



1. परिचय

 * परिवहन: वस्तुओं, सेवाओं और लोगों को उत्पादन स्थल से उपभोग स्थल (बाज़ार) तक ले जाने की प्रक्रिया को परिवहन कहते हैं। यह आर्थिक गतिविधियों की जीवन रेखा है।

 * संचार: विचारों, दर्शन और संदेशों का एक स्थान से दूसरे स्थान या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक विनिमय संचार कहलाता है।

 * संबंध: परिवहन और संचार का विकास एक-दूसरे पर निर्भर करता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने इन दोनों क्षेत्रों में क्रांति ला दी है।


2. परिवहन के साधन (Modes of Transport)

परिवहन के साधनों को मुख्य रूप से तीन भागों में बाँटा गया है:

 * स्थल परिवहन: सड़क, रेलवे, पाइपलाइन।

 * जल परिवहन: अंतः स्थलीय (नदियाँ/नहरें) और महासागरीय।

 * वायु परिवहन: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय।

A. स्थल परिवहन (Land Transport)

(i) सड़क परिवहन (Road Transport)

भारत का सड़क जाल विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क जाल है।

 * कुल लंबाई: लगभग 62.16 लाख कि.मी. (2020-21 के अनुसार)।

 * महत्व: यह छोटी दूरियों और डोर-टू-डोर सेवा के लिए सबसे उपयुक्त है। भारत में लगभग 85% यात्री और 70% भार यातायात सड़कों द्वारा होता है।

 * इतिहास: शेरशाह सूरी ने 'शाही राजमार्ग' (ग्रांड ट्रंक रोड) बनाया था जो कोलकाता से पेशावर तक जाता था (वर्तमान में अमृतसर से कोलकाता)। स्वतंत्रता के बाद 'नागपुर योजना' (1943) और 'बीस वर्षीय सड़क योजना' (1961) बनाई गई।

सड़कों का वर्गीकरण:

 * राष्ट्रीय महामार्ग (National Highways - NH):

   * इनका निर्माण और रखरखाव केंद्र सरकार (NHAI - भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण, 1995 में स्थापित) द्वारा किया जाता है।

   * महत्व: ये राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों और बंदरगाहों को जोड़ते हैं।

   * आंकड़े: कुल सड़कों का मात्र 2% हैं, लेकिन 40% यातायात का वहन करते हैं। लंबाई: 1,36,440 कि.मी. (2020)।

   * प्रमुख परियोजनाएँ:

     * स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral): 5,846 कि.मी. लंबी 4/6 लेन वाली सड़क जो चार महानगरों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता) को जोड़ती है।

     * उत्तर-दक्षिण गलियारा: श्रीनगर से कन्याकुमारी (4,016 कि.मी.)।

     * पूर्व-पश्चिम गलियारा: सिलचर (असम) से पोरबंदर (गुजरात) (3,640 कि.मी.)।

     * भारतमाला परियोजना: लगभग 26,000 कि.मी. लंबे आर्थिक गलियारों का विकास, रिंग रोड और बाइपास का निर्माण।

 * राज्य महामार्ग (State Highways - SH):

   * इनका निर्माण राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है। ये राजधानी को जिला मुख्यालयों से जोड़ते हैं।

 * जिला सड़कें (District Roads):

   * ये जिला मुख्यालयों को जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों से जोड़ती हैं।

 * ग्रामीण सड़कें (Rural Roads):

   * भारत की कुल सड़कों का 80% हिस्सा ग्रामीण सड़कें हैं।

   * प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY): इसका उद्देश्य गाँवों को पक्की सड़कों से जोड़ना है।

 * सीमा सड़क संगठन (BRO - Border Roads Organization):

   * स्थापना: मई 1960।

   * उद्देश्य: देश की उत्तरी और उत्तर-पूर्वी सीमा पर सामरिक महत्व की सड़कों का निर्माण और रखरखाव।

   * उपलब्धियाँ: चंडीगढ़-मनाली-लेह मार्ग (औसत ऊँचाई 4,270 मीटर)।

   * अटल टनल: विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग (9.02 कि.मी.), जो मनाली को लाहौल-स्पीति से जोड़ती है।

(ii) रेल परिवहन (Rail Transport)

भारतीय रेलवे देश का सबसे बड़ा सरकारी उद्यम है और लंबी दूरी की यात्रा व भारी सामान ढोने के लिए उपयुक्त है।

 * इतिहास: पहली रेल 1853 में मुंबई से ठाणे (34 कि.मी.) के बीच चली थी।

 * कुल लंबाई: 67,956 कि.मी. (2019-20)।

 * प्रशासन: भारतीय रेलवे को 17 मंडलों (Zones) में विभाजित किया गया है (जैसे- उत्तर रेलवे का मुख्यालय नई दिल्ली, पश्चिम रेलवे का मुंबई चर्च गेट)।

रेलवे गेज (पटरियों के बीच की दूरी):

 * बड़ी लाइन (Broad Gauge): 1.676 मीटर (सर्वाधिक लंबाई इसी की है)।

 * मीटर लाइन (Meter Gauge): 1.00 मीटर।

 * छोटी लाइन (Narrow Gauge): 0.762 या 0.610 मीटर (पर्वतीय क्षेत्रों में)।

कोंकण रेलवे (Konkan Railway):

 * निर्माण: 1998 में। यह इंजीनियरिंग का चमत्कार है।

 * विस्तार: रोहा (महाराष्ट्र) से मंगलौर (कर्नाटक) तक (760 कि.मी.)।

 * विशेषता: यह 146 नदियों, 2000 पुलों और 91 सुरंगों को पार करती है। एशिया की सबसे लंबी सुरंग (6.5 कि.मी.) इसी मार्ग पर है।

(iii) पाइपलाइन परिवहन (Pipeline Transport)

तरल पदार्थों (जल, पेट्रोलियम) और गैसों के लंबी दूरी तक परिवहन के लिए यह सबसे सुविधाजनक साधन है। ठोस पदार्थों को भी घोल (Slurry) बनाकर भेजा जा सकता है।

 * लाभ: उबड़-खाबड़ रास्तों और पानी के नीचे भी बिछाई जा सकती हैं। निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करती हैं।

 * प्रमुख संस्थाएँ:

   * OIL (Oil India Limited): 1959 में स्थापित। एशिया की पहली पाइपलाइन (नाहरकटिया से बरौनी) बनाई।

   * GAIL (Gas Authority of India Limited): 1984 में स्थापित। इसने HVJ (हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर) गैस पाइपलाइन (1,700 कि.मी.) का निर्माण किया।

B. जल परिवहन (Water Transport)

यह परिवहन का सबसे सस्ता साधन है और भारी सामान के लिए उपयुक्त है। यह ईंधन दक्ष और पर्यावरण अनुकूल है।

1. अंतः स्थलीय जलमार्ग (Inland Waterways):

 * भारत में लगभग 14,500 कि.मी. लंबा नौगम्य जलमार्ग है।

 * IWAI (1986): अंतः स्थलीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन इनके विकास के लिए किया गया।

 * प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्ग (NW):

   * NW-1: गंगा नदी (प्रयागराज से हल्दिया) - 1,620 कि.मी. (सबसे महत्वपूर्ण)।

   * NW-2: ब्रह्मपुत्र नदी (सादिया से धुबरी) - 891 कि.मी.।

   * NW-3: केरल में पश्चिमी तट नहर (कोट्टापुरम से कोल्लम) - 205 कि.मी.।

2. महासागरीय जलमार्ग (Oceanic Routes):

 * भारत की तटरेखा 7,517 कि.मी. लंबी है।

 * पत्तन: 12 प्रमुख और 200 छोटे बंदरगाह हैं।

 * व्यापार: भारत का 95% विदेशी व्यापार (मात्रा में) समुद्र के रास्ते होता है।

C. वायु परिवहन (Air Transport)

यह सबसे तीव्र और आधुनिक साधन है। लंबी दूरी और दुर्गम क्षेत्रों के लिए अनिवार्य है।

 * इतिहास: भारत में वायु परिवहन की शुरुआत 1911 में (इलाहाबाद से नैनी, 10 कि.मी. डाक सेवा) हुई।

 * प्रबंधन: भारतीय वायु प्राधिकरण (Airports Authority of India) सुरक्षित हवाई यातायात के लिए जिम्मेदार है।

 * पवन हंस: यह हेलीकॉप्टर सेवा है जो पर्वतीय क्षेत्रों और पेट्रोलियम सेक्टर (जैसे मुंबई हाई) को सेवाएँ देती है।

 * उड़ान (UDAN) योजना: 'उड़े देश का आम नागरिक' - इसका उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सस्ता और सुलभ बनाना है।


3. संचार जाल (Communication Network)

संचार के साधनों को दो वर्गों में बाँटा गया है:

A. वैयक्तिक संचार (Personal Communication):

 * इंटरनेट, ई-मेल, मोबाइल, पत्र आदि।

 * इंटरनेट: यह सबसे प्रभावी साधन है। यह ई-कॉमर्स और ज्ञान प्राप्ति का मुख्य स्रोत बन गया है।

B. जनसंचार (Mass Communication):

 * रेडियो, टीवी, समाचार पत्र, उपग्रह।

   * रेडियो: भारत में पहला प्रसारण 1923 (रेडियो क्लब ऑफ बॉम्बे) द्वारा हुआ। 1936 में इसे 'ऑल इंडिया रेडियो' (AIR) और 1957 में 'आकाशवाणी' कहा गया।

   * टेलीविजन (TV): शुरुआत 1959 में दिल्ली में हुई। 1976 में इसे रेडियो से अलग कर 'दूरदर्शन' बनाया गया। इनसैट-1A के बाद इसका राष्ट्रीय प्रसार हुआ।

C. उपग्रह संचार (Satellite Communication):

उपग्रह संचार अन्य सभी साधनों का नियमन करता है। भारत के दो प्रमुख उपग्रह सिस्टम हैं:

 * इन्सैट (INSAT - Indian National Satellite System): 1983 में स्थापित। यह बहुउद्देश्यीय है (दूरसंचार, मौसम, टीवी प्रसारण के लिए)।

 * आई.आर.एस. (IRS - Indian Remote Sensing System): 1988 में रूस से लांच (IRS-1A)। इसका उपयोग प्राकृतिक संसाधनों के सर्वेक्षण और प्रबंधन के लिए होता है। हैदराबाद स्थित NRSC (नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर) इसके आँकड़ों का प्रबंधन करता है।



महत्वपूर्ण प्रश्न



1. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)


प्रश्न 1: भारतीय रेल प्रणाली को कितने मंडलों (Zones) में विभाजित किया गया है?

(क) 9

(ख) 16

(ग) 17

(घ) 12

उत्तर: (ग) 17


प्रश्न 2: निम्नलिखित में से किस वर्ष में भारत में पहला रेडियो कार्यक्रम प्रसारित हुआ था?

(क) 1911

(ख) 1936

(ग) 1923

(घ) 1927

उत्तर: (ग) 1923


प्रश्न 3: राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) किस नदी पर और किन स्थानों के बीच है?

(क) ब्रह्मपुत्र: सादिया-धुबरी

(ख) गंगा: हल्दिया-प्रयागराज

(ग) गोदावरी: काकीनाडा-पुडुच्चेरी

(घ) पश्चिमी तट नहर: कोट्टापुरम-कोल्लम

उत्तर: (ख) गंगा: हल्दिया-प्रयागराज


प्रश्न 4: भारत में 'स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना' (Golden Quadrilateral) किन चार महानगरों को जोड़ती है?

(क) दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता

(ख) दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई

(ग) दिल्ली, कानपुर, कोलकाता, गुवाहाटी

(घ) मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई

उत्तर: (क) दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता


2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करें (Fill in the Blanks)


 * भारत में वायु परिवहन की शुरुआत सन् ________ में इलाहाबाद से नैनी के बीच हुई थी।

   उत्तर: 1911

 * कोंकण रेलवे रोहा (महाराष्ट्र) को ________ (कर्नाटक) से जोड़ता है।

   उत्तर: मंगलौर

 * सीमा सड़क संगठन (BRO) की स्थापना मई ________ में की गई थी।

   उत्तर: 1960

 * ________ परिवहन का सबसे सस्ता साधन है और भारी सामान ढोने के लिए उपयुक्त है।

   उत्तर: जल


3. एक शब्द/एक पंक्ति वाले प्रश्न (Very Short Answer Questions)


प्रश्न 1: 'परिवहन' क्या है?

उत्तर: व्यक्तियों, वस्तुओं और सेवाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की प्रक्रिया को परिवहन कहते हैं।


प्रश्न 2: भारत की सबसे लंबी गैस पाइपलाइन कौन सी है?

उत्तर: हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) पाइपलाइन।


प्रश्न 3: 'पवन हंस' क्या है?

उत्तर: पवन हंस एक हेलीकॉप्टर सेवा है जो पर्वतीय क्षेत्रों और पेट्रोलियम सेक्टर (जैसे ओएनजीसी) को सेवाएँ प्रदान करती है।


प्रश्न 4: भारत में इंटरनेट सेवाएँ किस प्रकार संचार में सहायक हैं?

उत्तर: इंटरनेट उपयोगकर्ता को ई-मेल, ई-कॉमर्स और सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद करता है और यह संचार का सबसे प्रभावी और आधुनिक साधन है।


4. विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Questions)


प्रश्न 1: भारत में सड़क परिवहन के महत्व और इसकी प्रमुख समस्याओं का वर्णन करें।

उत्तर:  सड़क परिवहन भारत के यातायात का एक प्रमुख साधन है।

 * महत्व: यह घर-घर सेवा प्रदान करता है और छोटी दूरी के लिए सबसे उपयुक्त है। यह रेलवे और वायु परिवहन के पूरक के रूप में कार्य करता है क्योंकि यह उन्हें अंतिम कनेक्टिविटी देता है।

 * समस्याएँ: सड़कों का रखरखाव अक्सर खराब होता है, खासकर बारिश के मौसम में। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी पक्की सड़कों का अभाव है। यातायात की भीड़ और दुर्घटनाएँ भी बड़ी समस्याएँ हैं।


प्रश्न 2: भारतीय रेलवे के विकास और उसकी उपलब्धियों पर चर्चा कीजिए।

उत्तर:  भारतीय रेलवे देश का सबसे बड़ा सरकारी उद्यम है।

 * विकास: 1853 में मुंबई-ठाणे के बीच पहली ट्रेन चली। आज यह एक विशाल नेटवर्क है जो पूरे देश को जोड़ता है।

 * उपलब्धियाँ: रेलवे ने कोयले से डीजल और फिर बिजली के इंजनों की ओर संक्रमण किया है। गेज परिवर्तन (छोटी लाइन को बड़ी लाइन में बदलना) और कोंकण रेलवे जैसी परियोजनाएँ इसकी बड़ी सफलताएँ हैं। यह माल ढुलाई और लंबी दूरी की यात्रा के लिए सबसे महत्वपूर्ण साधन है।


प्रश्न 3: पाइपलाइन परिवहन के लाभ और हानियाँ बताइए।

उत्तर:. * लाभ:

   * तरल और गैसीय पदार्थों (जैसे पेट्रोलियम, गैस, पानी) के परिवहन के लिए यह सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक है।

   * इसे उबड़-खाबड़ रास्तों और पानी के नीचे भी बिछाया जा सकता है।

   * इसमें ऊर्जा की खपत कम होती है और निरंतर आपूर्ति बनी रहती है।

 * हानियाँ:

   * एक बार बिछाने के बाद इसकी क्षमता बढ़ाई नहीं जा सकती।

   * लीकेज का पता लगाना और मरम्मत करना कठिन होता है।

   * सुरक्षा की दृष्टि से पाइपलाइनों को नुकसान पहुँचाना आसान होता है।



No comments:

Post a Comment